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मस्ती में खो जाते थे पढ़ते पढ़ते कितना रोई अखबारों के पन्नों पर नेताओं ने आंख भिगोई आम शिकवे थे तुम कहां फूल सियासी जब हम बच्चे थे

Hindi में पढ़ते थे Poems